Saturday, 13 August, 2011

राखी का त्यौहार : कृष्ण कुमार यादव



राखी का त्यौहार अनोखा
भाई-बहन का प्यार अनोखा

आओ भैया, आओ भैया
जल्दी से तुम हाथ बढ़ाओ

रंग-बिरंगी राखी लायी
अपने हाथों में बंधवाओ

करूँ आरती, तिलक लगाऊँ
और मिठाई तुम्हें खिलाऊँ

जल्दी से दे दो उपहार
बहना का है यह त्यौहार

भैया मेरे भूल न जाना
रक्षा का कर्तव्य निभाना।

14 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति है!
रक्षाबन्धन के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएँ!
स्वतन्त्रतादिवस की भी बधाई हो!

Akshitaa (Pakhi) said...

प्यारा सा गीत...राखी पर्व पर सभी को बधाई !!

Akshitaa (Pakhi) said...

प्यारा सा गीत...राखी पर्व पर सभी को बधाई !!

Unknown said...

राखी-पर्व पर सभी को बधाई !!

कविता रावत said...

जिसमें छुपा है भाई -बहन का अटूट प्यार , वही तो है राखी का पावन त्योहार
सुन्दर प्रस्तुति आपको भी रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनायें!

Kailash Sharma said...

बहुत प्यारी प्रस्तुति..रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं !

प्रवीण पाण्डेय said...

सबको शुभकामनायें।

Chaitanyaa Sharma said...

सुंदर गीत ... हैप्पी राखी

Shahroz said...

वाह, यह राखी का त्यौहार तो बहुत प्यारा है. सुन्दर सन्देश...सारगर्भित पोस्ट !!

Shahroz said...

वाह, यह राखी का त्यौहार तो बहुत प्यारा है. सुन्दर सन्देश...सारगर्भित पोस्ट !!

Dr. Brajesh Swaroop said...

राखी का त्यौहार अनोखा
भाई-बहन का प्यार अनोखा
..Nice Geet..badhai.

रुनझुन said...

बहुत प्यारी कविता है ...मैं अपने छोटे भाई को भी इसे सुनाऊंगी... बहुत-बहुत थैंक्यू अंकल!

आदित्य प्रताप वन्देमातरम said...

भई वाह ....

आदित्य प्रताप वन्देमातरम said...
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