Monday, 22 August, 2011

भयो नन्द लाल


माचो गोकुल में है त्यौहार, भयो नन्द लाल
खुशिया छाई है अपरम्पार, भयो नन्द लाल

मात यशोदा का है दुलारा,
सबकी आँखों का है तारा
अपनों गोविन्द मदन गोपाल
......... भयो नन्द लाल

मात यशोदा झूम रही है
कृष्णा को वो चूम रही है
झूले पलना मदन गोपाल
......... भयो नन्द लाल

देख के उसकी भोली सुरतिया
बोल रही है सारी सखिया
कितनो सुंदर है मदन गोपाल
......... भयो नन्द लाल

!! कृष्ण जन्माष्टमी की आप सभी को शुभकामनायें !!

जनोक्ति : निर्भय जैन

8 comments:

KK Yadav said...

मात यशोदा का है दुलारा,
सबकी आँखों का है तारा
अपनों गोविन्द मदन गोपाल
......... भयो नन्द लाल
...Khubsurat Abhivyakti..badhai.

KK Yadav said...

कृष्ण-जन्माष्टमी पर्व पर सभी को शुभकामनायें. संयोगवश मेरा जन्म भी कृष्ण-जन्माष्टमी के दिन ही हुआ था और नाम भी उसी अनुरूप पड़ा. ऐसे में श्री कृष्ण भगवान के प्रति आसक्ति स्वाभाविक है !!

Unknown said...

कृष्ण-जन्माष्टमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

Unknown said...

Nice Poem..Congts.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।

रुनझुन said...

बहुत प्यारी रचना...

रुनझुन said...

अरे मैं तो भूल ही गयी के.के. यादव अंकल आपको जन्मदिन की ढेर सारी बधाइयाँ....

प्रवीण पाण्डेय said...

आपको भी बहुत बहुत शुभकामनायें।