Sunday, 12 December, 2010

प्यारा प्यारा भारत देश - डॉ० राष्ट्रबंधु


फूलों और फलों का देश
मीठा स्वाद सलोना वेश
प्यारा प्यारा भारत देश।

पर्वत रखते हैं ऊँचाई
रत्नाकर रखते गहराई
नदियों में बहता है अमृत
निर्झर ने ताकत दिखलाई
मेघ माँगते हैं आदेश
हरा भरा करते परिवेश
प्यारा प्यारा भारत देश।

काली पीली कुछ सिन्दूरी
कहीं भुरभुरी गोरी भूरी
मिट्टी कोहनूर रखती है
फसलों ने की आशा पूरी
अन्नपूर्णा माँ का वेश
दानशीलता का संदेश
प्यारा प्यारा भारत देश।

यहाँ शारदा गीत सुनाती
माँ रणचण्डी हमें जगाती
कृतियों ने इतिहास रचाया
हम गाते हैं गीत प्रभाती
गंध भरे इसके अवशेष
नित्य नया न्यारा उन्मेष
प्यारा प्यारा भारत देश।

-डॉ० राष्ट्रबंधु

11 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

सच में प्यारा प्यारा भारत देश।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत सुन्दर कविता ....हमारा प्यारा देश भारत ...

Akanksha~आकांक्षा said...

"प्यारा प्यारा भारत देश' - डॉ० राष्ट्रबंधु जी ने बड़ा प्यार गीत रचा है. भारत देश की विविधता को दर्शाता यह गीत वाकई गुनगुनाने का मन करता है.

Akshita (Pakhi) said...

राष्ट्रबंधु दादा का प्यारा सा गीत...प्यारा है.

Ratnesh Kr. Maurya said...

हम गाते हैं गीत प्रभाती
गंध भरे इसके अवशेष
नित्य नया न्यारा उन्मेष
प्यारा प्यारा भारत देश।
..वाकई गुनगुनाने का मन करता है.

Ratnesh Kr. Maurya said...

हम गाते हैं गीत प्रभाती
गंध भरे इसके अवशेष
नित्य नया न्यारा उन्मेष
प्यारा प्यारा भारत देश।
..वाकई गुनगुनाने का मन करता है.

Amit Kumar said...

डॉ० राष्ट्रबंधु तो बाल-मन के चितेरे हैं..सुन्दर कविता.

arvind said...

सुन्दर कविता.

MAYA said...

बहुत ही सुन्दर कविता

Shahroz said...

जय हो..सुन्दर कविता..बधाई.

दीनदयाल शर्मा said...

भारत देश की विविधता को दर्शाता यह गीत वाकई बहुत ही सुन्दर है...डॉ० राष्ट्रबंधु जी को बधाई...